JSK

अष्टम भाव का परिचय

अष्टम भाव परिचय मृत्यु। गुढ़ ज्ञान। पत्नी या धन। ससुराल। LIC । अचानक धन जो कभी सोचा ही नही था ख्वाब में। म्यूच्यूअल फण्ड। जीवन का अंतिम पड़ाव। मृत्यु कैसे होगी। पुश्तेनी जमीन। वृश्चिक राशि। क्षिद्र भाव। गुदा स्थान। लिंग। *बुध ग्रहण करने की क्षमता है। यहां बैठा बुध अच्छा वैज्ञानिक। सन्त है तो माया …

अष्टम भाव का परिचय Read More »

नवमांश क्या है ? नवमांश Kundali का परिचय

नवमांश – परिचय इन्दु: सर्वत्र बीजाम्भो लग्नं तु कुसुमप्रभम्। फलेन सदृशोंऽशश्च भावः स्वादुसमः स्मृतः।। अर्थ:- चन्द्रमा बीज के, लग्न पुष्प के, नवांश फल के तथा भाव स्वाद के समान होता है।जन्म कुण्डली शरीर है तो नवमांश कुण्डली की आत्मा दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे हैं। परिचय :- नवमांश एक राशि के नवम भाग को …

नवमांश क्या है ? नवमांश Kundali का परिचय Read More »

अंकशास्त्र “Numerology” के माध्यम से आपका खोया हुआ सामान, इस तरीके से जानें कहां है

किसी चीज का खोना किसी चीज का खोना वाकई बहुत दुखदायी होता है, विशेषकर अगर वो चीज या तो बहुत महंगी हो या फिर किसी प्रियजन द्वारा गिफ्ट की गई हो। इसके अलावा जिन चीजों या सामानों के साथ कुछ खास यादें जुड़ी होती हैं, उनका खोना भी कष्टप्रद होता है। बहुत से लोग तो …

अंकशास्त्र “Numerology” के माध्यम से आपका खोया हुआ सामान, इस तरीके से जानें कहां है Read More »

ग्रहो की अवस्था और उनके फल

ग्रहोंकी अवस्था और उनके फल कुछ मित्र ग्रहों की डिग्री आदि के हिसाब से उनकी अवस्था के फल जानना चाहते है । आप ग्रहों की ये अवस्था देखकर उनके फल का अनुमान लगा सकते है । और आपके कोई भी सवाल हैं या ज्योतिष से संबन्धित कोई भी जानकारी या ज्योतिष मे कुछ और क्या …

ग्रहो की अवस्था और उनके फल Read More »

ज्योतिष में 27 नक्षत्र जिनके स्वामी ग्रह 9 हैं….

ज्योतिष में 27 नक्षत्र जिनके स्वामी 9 ग्रह क्र सं0 नक्षत्र स्वामी- नक्षत्र नक्षत्र स्वामी अशिवनी,मघा,मूल केतु भारिणी,पुर्वफाल्गुनी,पूर्वाषाढ़ा शुक्र कृतिका,उतरा फाल्गुनी,उतराषाढ़ा सूर्य रोहिणी, हस्त ,श्रवण चन्द्रमा मृगशिरा,चित्रा,धनिष्ठा मंगल आर्द्रा,स्वाति, शतभिषा राहु पुनर्वसु,विशाखा,पूर्वाभाद्रपद गुरु पुष्य,अनुराधा,उतरा भाद्रपद शनि आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती बुध

प्रशासनिक अधिकारी बनने के योग,आपकी कुण्डली में हैं या नहीं ।

 🙏 जय श्री कृष्णा मित्रों 🙏 प्रशासनिक अधिकारी बनने के योग, आपकी कुण्डली में हैं या नहीं । सूर्य सभी ग्रहों का राजा होता है और सुबह उठकर स्नानादि से निवृत्त हो सर्वप्रथम जो व्यक्ति सूर्य को सूर्यार्घ देता है उसे कभी किसी ग्रह की बुरी दशा नहीं सताती ।। साथ ही सूर्य की कृपा …

प्रशासनिक अधिकारी बनने के योग,आपकी कुण्डली में हैं या नहीं । Read More »

ज्योतिष एवं चिकित्सा। भारतवर्ष में चिकित्साशास्त्र (आयुर्वेद) का ज्योतिष से बहुत गहरा संबंध है।

ज्योतिष एवं चिकित्सा ज्योतिष शास्त्र भविष्य दर्शन की आध्यात्मिक विद्या है। भारतवर्ष में चिकित्साशास्त्र (आयुर्वेद) का ज्योतिष से बहुत गहरा संबंध है। होमियोपैथ की उत्पत्ति भी ज्योतिष शास्त्र के आधार पर ही हुआ है I जन्मकुण्डली व्यक्ति के जन्म के समय ब्रह्माण्ड में स्थित ग्रह नक्षत्रों का मानचित्र होती है, जिसका अध्ययन कर जन्म के …

ज्योतिष एवं चिकित्सा। भारतवर्ष में चिकित्साशास्त्र (आयुर्वेद) का ज्योतिष से बहुत गहरा संबंध है। Read More »

फलादेश करने से पहले ध्यान रखो हमेशा की…..

ध्यान रखो हमेशा 1. भाव2. भाव मध्य युति3. भावेश4. भावकारक5. भाव पर दृष्टि6. कुण्डलि में शुभ ग्रह और अशुभ ग्रह7. शुभ और अशुभ ग्रह8. पाप ग्रहों कि दृष्टि9. नवांश10. नेशर्गिक और तात्कालिक शत्रु और मित्र11. ग्रहों का बल12. निच13. उच्च14. भाव का कारक्तव15. ग्रहों का कारक्तव16. पाप कत्रि दोश17. शुभ कत्रि योग18. नक्षत्र स्थति19. शुक्र …

फलादेश करने से पहले ध्यान रखो हमेशा की….. Read More »

पंचांग के अंगों के फल

               पंचांग के अंगों के फल              योग फल विष्कुम्भरूपवान, भाग्यवान, अनेक तरह के अलंकारों से पूर्ण, बुद्धिमान और पंडित होता है| प्रीतिस्त्रियों का प्यारा, तत्व को जानने वाला, उत्साही और स्वार्थ के लिए काम करने वाला होता है| आयुष्मानमानी, धनवान, शेर ओ शायरी करेने वाला, बहुत वर्षों तक जीने वाला,युद्ध में विजयी होता है| सौभाग्यराजा …

पंचांग के अंगों के फल Read More »

प्रेम सम्बन्ध के योग एवं शुक्र और चन्द्र ग्रह का प्रभाव ।

                 प्रेम सम्बन्ध के योग। शुक्र और चन्द्र ग्रह का प्रभाव। ज्योतिष विद्या के अनुसार ग्रहो का प्रभाव हर किसी की मनोदशा को प्रभावित करता है। जन्म के समय ग्रहो की जैसी स्थिति होती है वैसा हीं मनुष्य का स्वभाव हो जाता है। जन्म कुण्डली में शुक्र को प्रेम का कारक ग्रह माना जाता है। …

प्रेम सम्बन्ध के योग एवं
शुक्र और चन्द्र ग्रह का प्रभाव ।
Read More »